Health and fitness tips hindi and english

Sugar Control - इन 3 गलतियों की वजह से बढ़ता है ब्लड शुगर

 Sugar Control - इन 3 गलतियों की वजह से बढ़ता है ब्लड शुगर - 




शुगर चाहे 380 हो या 480, सालों साल पुरानी शुगर -  7 दिन में होगी खत्म इस उपाय से - डायबिटीज एक लंबे समय तक चलने वाली बीमारी है, जिसमें शरीर की वह प्रक्रिया प्रभावित हो जाती है जो खाने को ऊर्जा में बदलती है।


जब ब्लड में शुगर का स्तर लगातार बढ़ा रहता है, तो इसका असर सिर्फ शुगर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह दिल, आंखों की रोशनी, नसों और किडनी की कार्यक्षमता को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

अक्सर देखा गया है कि डायबिटीज के मरीज कुछ ऐसी रोजमर्रा की गलतियां करते रहते हैं, जिनकी वजह से उनकी ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं आ पाती। इनमें से तीन गलतियां सबसे आम हैं, और अगर इन्हें समय रहते सुधार लिया जाए, तो शुगर लेवल में अच्छा सुधार देखा जा सकता है।

आइए जानते हैं वे कौन सी तीन बड़ी गलतियां हैं।

1. रात में देर से और भारी भोजन करना

डायबिटीज से ग्रसित बहुत से लोग रात का खाना देर से खाते हैं और वह भी भारी भोजन। यह पहली और सबसे बड़ी गलती मानी जाती है।

भारी भोजन करने से लीवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, मेटाबॉलिज्म सुस्त हो जाता है और इसका सीधा असर ब्लड शुगर पर पड़ता है। इससे न सिर्फ शुगर बढ़ती है, बल्कि शरीर को सही पोषण भी नहीं मिल पाता।

एलोपैथी चिकित्सा में भी यही सलाह दी जाती है कि डायबिटीज के मरीजों को रात का भोजन समय पर और हल्का करना चाहिए। देर रात खाना खाने से शरीर में ग्लूकोज का उत्पादन बढ़ जाता है, जिससे सुबह फास्टिंग शुगर अधिक आने लगती है।

इसलिए डायबिटीज के मरीजों को रात का खाना जल्दी और हल्का रखना चाहिए।

2. जरूरत से ज्यादा खाना

डायबिटीज में दूसरी आम गलती होती है, भूख से अधिक खाना। कई लोग पेट भर जाने के बाद भी खाना जारी रखते हैं।

इस आदत से वजन बढ़ता है, मोटापा बढ़ता है, कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और साथ ही ब्लड शुगर भी ऊपर जाती है। इसके अलावा पाचन से जुड़ी समस्याएं भी शुरू हो जाती हैं।

डायबिटीज के मरीजों के लिए यह बहुत जरूरी है कि वे अपनी भूख की सीमा को समझें और उससे अधिक भोजन न करें।

3. बिना भूख के बार-बार खाना

तीसरी बड़ी गलती है बिना भूख के खाना। हर एक-दो घंटे में कुछ न कुछ खाते रहना इंसुलिन की संवेदनशीलता को कम कर देता है।

जब शरीर को बार-बार खाना मिलता है, तो वह इंसुलिन का सही उपयोग नहीं कर पाता। डायबिटीज के मरीजों के लिए जरूरी है कि वे तय समय पर ही भोजन करें, जैसे सुबह, दोपहर और शाम।

नियमित अंतराल पर सीमित मात्रा में भोजन करने से ब्लड शुगर को संतुलित रखना आसान होता है।

अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो इन तीन आदतों से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। इन्हें सुधारने के बाद आप खुद अपने ब्लड शुगर लेवल में फर्क महसूस करेंगे।

डायबिटीज क्यों होती है, इसे समझना जरूरी है
डायबिटीज तब होती है जब पैंक्रियास के अंदर मौजूद बीटा सेल्स पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन बनाना बंद कर देते हैं। यही बीटा सेल्स शरीर में इंसुलिन बनाने का काम करते हैं।

जब ये सेल्स कमजोर पड़ जाते हैं, तो इंसुलिन का उत्पादन घट जाता है और शरीर ब्लड शुगर को संतुलित नहीं रख पाता, जिससे शुगर बढ़ने लगती है।

डायबिटीज का दूसरा कारण है इंसुलिन रेजिस्टेंस। इसका मतलब यह है कि शरीर में जो थोड़ी बहुत इंसुलिन बन रही होती है, शरीर उसका सही उपयोग नहीं करता। जब इंसुलिन काम नहीं कर पाती, तो ब्लड शुगर अपने आप बढ़ने लगती है।

आहार से बीटा सेल्स को सहारा देने का तरीका
कुछ खास चीजें ऐसी हैं, जिनका सही तरीके से सेवन करने पर पैंक्रियास के बीटा सेल्स को मजबूती मिल सकती है, इंसुलिन बनना बेहतर हो सकता है और इंसुलिन रेजिस्टेंस भी धीरे-धीरे कम हो सकता है।

इन दोनों के सुधार से ब्लड शुगर धीरे-धीरे कंट्रोल में आने लगती है।

कैसे तैयार करें यह मिश्रण

सबसे पहले साबुत हरी मूंग दाल लें और रात में इसे तांबे के बर्तन में पानी डालकर भिगो दें। सुबह पानी अलग कर दें और दाल को ढककर रख दें। एक दिन बाद दाल अंकुरित हो जाएगी।

अब एक मुट्ठी अंकुरित मूंग दाल लें और मिक्सी में डालें। पीसने के लिए वही पानी इस्तेमाल करें, जिसमें दाल भिगोई गई थी।

इसमें आधा चम्मच सूखी नीम की पत्तियों का पाउडर मिलाएं। अगर पाउडर उपलब्ध न हो, तो 10 से 12 ताजी नीम की पत्तियां भी ली जा सकती हैं।

इसके बाद एक चम्मच पहले से भिगोकर अंकुरित किया हुआ मेथी दाना डालें और आधा चम्मच जामुन की गुठली का पाउडर मिलाएं।

तो आपने एक मुटठी अंकुरित मूंग की दाल ली। उसके बीच में आधा चम्मच नीम की पत्ती का पाउडर लिया या फिर 10 12 हरी नीम की पत्तियां डाली।

एक चम्मच भिगोया हुआ और अंकुरित हुआ हुआ मेथी दाना डाला और आधा चम्मच जामुन की गुठली का पाउडर डाला। अब आप इसको ग्राइंड कर लीजिए।

ग्राइंड करने के बाद आप इसे धीमी आंच के ऊपर एक बार उबाल लीजिए। एक बॉयल आ जाए तो उसे नीचे उतार लीजिए।

उसके बाद इसे थोड़ा सा ठंडा कर लीजिए। खाने लायक कर लीजिए। इसे आपको हफ्ते में 3 से 4 बार खाना है।

सुबह खाली पेट एक हफ्ता खाएंगे तो आपको फर्क दिखना शुरू हो जाएगा। लगातार तीन महीने खाएंगे तो आपकी जो ब्लड शुगर है वह बिल्कुल कंट्रोल में आ जाएगी।

नीम और हल्दी की गोली
नीम पाउडर में थोड़ा तांबे के बर्तन में रखा पानी मिलाकर आटे की तरह गूंथ लें और कंचे के आकार की एक छोटी गोली बना लें।

इसी तरह हल्दी पाउडर से भी एक गोली तैयार करें।

सुबह खाली पेट या नाश्ते के साथ एक नीम की और एक हल्दी की गोली लें।

नाश्ते में क्या शामिल करें
हर दिन नाश्ते के साथ

एक चम्मच अंकुरित मेथी दाना
तीन चम्मच अंकुरित मूंग दाल
तीन चम्मच रात में भीगी हुई मूंगफली

इसको आपको ताम्बे वाले पानी के साथ खाना है। तांबे वाला पानी आप पिएंगे, सुबह ब्रेकफास्ट के साथ.

तो अगर आप इस पूरे फार्मूले को करते हैं मूंग की दाल का जो हमने काढ़ा तैयार किया था उसको खाते हैं, हलवे जैसा बन जाएगा, उसे खाते हैं और

साथ में आप एक नीम की गोली एक हल्दी की गोली एक चम्मच अंकुरित मेथी दाना, तीन चम्मच अंकुरित मूंग दाल और तीन चम्मच मूंगफली आप सुबह ब्रेकफास्ट में खाते हैं तो ये एक हफ्ते में आपको रिजल्ट दिखेगा।

आपकी ब्लड शुगर डाउन होनी स्टार्ट हो जाएगी और तीन महीने के अंदर अंदर बिल्कुल नॉर्मल हो जाएगा।

डाइट में जरूरी बदलाव
डाइट में मौसमी फलों को शामिल करें, भरपूर सलाद खाएं और उबली हुई सब्जियों का अधिक सेवन करें।

लंच और डिनर हल्का रखें और सिर्फ गेहूं की रोटी की बजाय मिश्रित अनाज की रोटी अपनाएं, जिसमें दो-तीन तरह के अनाज हों।

अगर यह पूरा तरीका सही ढंग से और नियमित रूप से अपनाया जाए, तो कुछ ही समय में ब्लड शुगर में गिरावट महसूस होने लगती है और धीरे-धीरे स्तर स्थिर होने लगता है।

इन 3 में आपकी कौन-सी आदत है? कमेंट में बताइए

No comments: