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Arjuna for heart health - अर्जुन की छाल

 Arjuna for heart health - अर्जुन की छाल: एक साधारण पेड़, लेकिन असाधारण औषधि - इस article में हम बात कर रहे हैं एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि के बारे में, जिसे आपने ज़रूर देखा होगा, लेकिन शायद उसकी असली ताकत नहीं जानते होंगे।



हम बात कर रहे हैं अर्जुन की छाल की।


अर्जुन आयुर्वेद की उन वनस्पतियों में से है, जो दिखने में साधारण है, आसानी से मिल जाती है, कीमत में सस्ती है, लेकिन असर में बेहद शक्तिशाली है। इसका लैटिन नाम है Terminalia arjuna


अर्जुन का औषधीय भाग उसकी छाल (Bark) है। यही छाल चूर्ण, काढ़ा, दूध, घृत और अरिष्ट के रूप में इस्तेमाल की जाती है।


आयुर्वेद के अनुसार अर्जुन के गुण-धर्म

किसी भी आयुर्वेदिक औषधि को समझने के लिए सबसे पहले उसके गुण-धर्म जानना ज़रूरी होता है, क्योंकि वही तय करते हैं कि वह किस बीमारी में काम करेगी।


अर्जुन के मुख्य गुण इस प्रकार हैं:


रस (स्वाद): कषाय यानी कसैला

वीर्य (तासीर): शीतल

गुण: लघु (हल्का), रूक्ष (सूखा)

दोष प्रभाव: कफ और पित्त को कम करता है


लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि इसके रूखे और ठंडे गुण वात से मिलते-जुलते हैं, इसलिए गलत तरीके या ज़्यादा मात्रा में लेने पर यह वात बढ़ा भी सकता है।

यही वजह है कि अर्जुन को सही रोग, सही व्यक्ति और सही विधि से लेना बेहद ज़रूरी है।


1. अर्जुन का पाचन तंत्र पर प्रभाव

अर्जुन का कसैला स्वाद उसे स्तंभक बनाता है, यानी यह शरीर में बहाव को रोकने का काम करता है।


जिन लोगों को:


बार-बार दस्त लगते हैं

ढीले मोशन रहते हैं

अति-सार या प्रवाह की समस्या है

मल में खून आता है


उनके लिए अर्जुन की छाल बहुत उपयोगी होती है।


2. बवासीर में अर्जुन

खासतौर पर जिन लोगों को ब्लीडिंग पाइल्स की शिकायत होती है, उनके लिए अर्जुन खून को रोकने में मदद करता है।

नाक, मुंह या किसी भी मार्ग से होने वाले रक्तस्राव में भी यह लाभकारी है।


3. वजन और चर्बी घटाने में अर्जुन

अर्जुन:


कफ को कम करता है

मेद धातु (फैट टिश्यू) को घटाता है

शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मदद करता है

इसीलिए जो लोग फैट लॉस करना चाहते हैं, उनके लिए अर्जुन एक अच्छी सपोर्टिव औषधि हो सकती है।


लेने की विधि:

3–5 ग्राम अर्जुन चूर्ण

पानी या शहद के साथ

शहद के साथ लेने पर कफ पर असर और बेहतर होता है


4. अर्जुन का काढ़ा: सही विधि

अर्जुन की छाल का काढ़ा भी बहुत प्रभावी होता है।


विधि:


आधा से एक चम्मच अर्जुन छाल

2 कप पानी

उबालकर 1/4 रह जाने दें

छानकर सुबह खाली पेट सेवन करें

ध्यान रखें, इसे लेने के बाद जब तक अच्छी भूख न लगे, कुछ न खाएं।


5. हृदय रोगों में अर्जुन का महत्व

अर्जुन का सबसे प्रसिद्ध उपयोग हृदय रोगों में है।

यह विशेष रूप से कफ और पित्त जन्य हृदय विकारों में प्रभावी है।


अर्जुन:


हृदय की मांसपेशियों को पोषण देता है

हार्ट की पंपिंग क्षमता सुधारता है

कार्डियक मसल्स को मज़बूत करता है


आज की लाइफस्टाइल में बढ़ रही समस्याएँ जैसे:


मोटापा

हाई कोलेस्ट्रॉल

हाई ब्लड प्रेशर


इन सभी में अर्जुन सहायक भूमिका निभाता है।


अर्जुनारिष्ट: आसान और प्रभावी विकल्प

अगर आप काढ़ा या चूर्ण नहीं लेना चाहते, तो अर्जुनारिष्ट एक अच्छा विकल्प है।


मात्रा:

15–20 ml

दिन में 2 बार

गुनगुने पानी के साथ

कम से कम 2–3 महीने नियमित सेवन से अच्छे परिणाम दिखते हैं।


6. पित्तज हृदय विकारों में अर्जुन दूध

जब पित्त बढ़ा हुआ हो और हृदय से जुड़ी समस्या हो, तो अर्जुन का दूध बहुत लाभकारी होता है।


व्यावहारिक विधि:


आधा से एक चम्मच अर्जुन चूर्ण

1 कप दूध

1–2 कप पानी

उबालें, जब सिर्फ़ दूध बचे

सुबह खाली पेट 50–100 ml सेवन करें


7. त्वचा रोगों में अर्जुन

अर्जुन को रक्तशोधक भी कहा जाता है।

यह खासकर कफ और पित्त से होने वाले त्वचा रोगों में उपयोगी है, जैसे:


खुजली

जलन

दाद

सूर्य से होने वाले स्किन रिएक्शन


8. डायबिटीज (प्रमेह) में अर्जुन

आयुर्वेद में डायबिटीज को प्रमेह कहा जाता है।

कफ और मेद बढ़ने से प्रमेह होता है, और अर्जुन दोनों को कम करता है।

इसीलिए 20 प्रकार के प्रमेह में से 16 प्रकार में अर्जुन प्रभावी माना गया है।


9. स्त्री-पुरुष स्वास्थ्य में अर्जुन

पुरुषों में:

मूत्र के साथ वीर्य का निकलना

शुक्र धातु की कमजोरी

इन स्थितियों में अर्जुन सहायक है।


महिलाओं में:

ज़्यादा ब्लीडिंग

पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग

श्वेत प्रदर

गर्भाशय की शिथिलता

इन सभी में अर्जुन लाभ देता है और गर्भाशय के घाव भरने में भी मदद करता है।


10. श्वसन तंत्र और खांसी में अर्जुन

कफ वाली खांसी, बलगम के साथ खून आना, इन स्थितियों में अर्जुन उपयोगी है।

इसे वासा चूर्ण के साथ लेने पर असर और बेहतर होता है।


Conclusion

अर्जुन की छाल एक ऐसी आयुर्वेदिक औषधि है जो:


हृदय

पाचन

त्वचा

डायबिटीज

स्त्री-पुरुष स्वास्थ्य


सभी में अलग-अलग तरीके से लाभ देती है।


बस ज़रूरी है:


सही बीमारी

सही मात्रा

सही विधि


उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रही होगी।

कमेंट में बताइए — आप अर्जुन किस समस्या के लिए लेना चाहते हैं?

हार्ट, बीपी, शुगर या पाचन? 


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