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Diabetes Reversal - डायबिटीज में दवा नहीं, डाइट सबसे बड़ी ताकत

 Diabetes Reversal - डायबिटीज में दवा नहीं, डाइट सबसे बड़ी ताकत - 


डायबिटीज़ में सही खान-पान क्यों ज़रूरी है? जानते हैं कि डायबिटीज़ में खाने-पीने में कौन-से बदलाव सच में असरदार होते हैं और जिन्हें अपनाकर ब्लड शुगर को बेहतर तरीके से कंट्रोल किया जा सकता है। 


सबसे पहले यह समझना ज़रूरी है कि डायबिटीज़ को कंट्रोल करने में खाने की सही मात्रा, बैलेंस्ड डाइट और खाने का तरीका बहुत अहम भूमिका निभाता है। डायबिटीज़ में अगर गलत चीज़ें खा ली जाएँ, तो तुरंत शुगर स्पाइक हो सकता है, इसलिए हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि ऐसा खाना चुना जाए जिससे खाने के बाद शुगर अचानक न बढ़े।


कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह बंद करना सही नहीं है, बल्कि सही तरह के कार्बोहाइड्रेट चुनना ज़रूरी है। होल ग्रेन और हाई फाइबर वाले कार्बोहाइड्रेट जैसे चोकर-युक्त गेहूं, ब्राउन राइस और मिलेट्स (ज्वार, बाजरा, रागी) शुगर को धीरे-धीरे बढ़ाते हैं और स्पाइक नहीं करते। इसी तरह छिलके वाली दालें भी फाइबर से भरपूर होती हैं और शुगर कंट्रोल में मदद करती हैं।


सुबह की शुरुआत कैसे करें?

अगर आप अपने दिन की शुरुआत चाय या कॉफी से करते हैं, तो फीकी चाय-कॉफी के साथ बिस्किट, रस्क या नमकीन लेने से बचें। इसकी जगह आप नट्स जैसे बादाम, अखरोट और पिस्ता ले सकते हैं। इसके साथ एक गिलास दूध या एक बड़ी कटोरी दही शामिल की जा सकती है।


हाई-फाइबर अनाज जैसे दलिया, ओट्स या जौ को नमकीन दलिया के रूप में खाया जा सकता है। इसके अलावा रोटी, बेसन का चीला, दाल का चीला, ओट्स का चीला और स्प्राउट्स जैसे विकल्प भी अच्छे रहते हैं।


प्लेट मेथड: डायबिटीज़ में सही खाने का तरीका

सबसे ज़रूरी बात यह है कि खाने की शुरुआत हमेशा सब्ज़ियों से करें। अपनी प्लेट का आधा हिस्सा सब्ज़ियों से भरें। इन्हें सलाद के रूप में या हल्का सॉटे करके या पकी हुई सब्ज़ियों के रूप में लिया जा सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें कच्ची सब्ज़ियां सूट नहीं करतीं।


इसके बाद प्लेट का एक-चौथाई हिस्सा प्रोटीन के लिए रखें। प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं—दाल, चना, राजमा, छोले, दही और पनीर। अगर आप नॉन-वेज खाते हैं, तो उबला या ग्रिल्ड चिकन और अंडे भी शामिल कर सकते हैं।


प्लेट का आखिरी एक-चौथाई हिस्सा अनाज के लिए रखें, जिसमें रोटी, दलिया या ब्राउन राइस जैसे विकल्प चुनें। रोटी के लिए चोकर-युक्त गेहूं का आटा इस्तेमाल करें। अगर आप चावल खाना चाहते हैं, तो एक रोटी कम करके उसकी जगह आधी कटोरी पके हुए चावल ले सकते हैं।


मील टाइमिंग और पोर्शन कंट्रोल

डायबिटीज़ में रेगुलर इंटरवल पर खाना, मील स्किप न करना और पोर्शन कंट्रोल बेहद ज़रूरी है, क्योंकि बहुत ज्यादा खाने से शुगर बढ़ सकती है और बहुत कम खाने से शुगर गिर सकती है।


हेल्दी स्नैक्स क्या हों?

अगर खाने के बीच में स्नैक्स लेने की ज़रूरत हो, तो हेल्दी विकल्प चुनें जैसे एक छोटा मौसमी फल या एक कटोरी कटा हुआ फल, वेजिटेबल सूप, चिकन सूप (सब्ज़ियों के साथ), भुना चना, स्प्राउट्स या पनीर को सब्ज़ियों के साथ हल्का सॉटे करके।


पैकेज्ड फूड, बेकरी प्रोडक्ट्स, मैदे से बनी चीज़ें जैसे पास्ता, मैगी और बेकरी आइटम्स का सेवन जितना हो सके कम करें। प्रोसेस्ड फूड की बजाय ताज़ा और नेचुरल फूड चुनें, क्योंकि ये फाइबर और ज़रूरी न्यूट्रिएंट्स का बेहतर स्रोत होते हैं।


“शुगर-फ्री” लेबल और अल्कोहल को लेकर सावधानी

“शुगर-फ्री”, “फैट-फ्री” या “डायबिटीज़-फ्रेंडली” जैसे लेबल देखकर बिना समझे स्नैक्स न खरीदें और हमेशा लेबल पढ़ें। अल्कोहल का सेवन भी सीमित मात्रा में करें, क्योंकि ज्यादा मात्रा में लेने से ब्लड शुगर प्रभावित हो सकता है।


हेल्दी डाइट का मतलब यह नहीं है कि आप बाहर खाना बिल्कुल नहीं खा सकते, बल्कि बाहर खाने की फ्रीक्वेंसी और पोर्शन कंट्रोल पर ध्यान देना ज़रूरी है।


डायबिटीज़ में फल खाने का सच

फ्रूट्स को लेकर अक्सर भ्रम रहता है कि डायबिटीज़ में फल नहीं खाने चाहिए, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है। अमरूद, संतरा, मौसंबी, पपीता और अनार जैसे फाइबर-युक्त फल सीमित मात्रा में खाए जा सकते हैं।


घर के खाने को डायबिटीज़-फ्रेंडली कैसे बनाएं?

घर की सामान्य रेसिपीज़ को भी थोड़े बदलाव के साथ डायबिटीज़-फ्रेंडली बनाया जा सकता है, जैसे पुलाव में कम तेल, ज्यादा सब्ज़ियाँ और ब्राउन राइस का इस्तेमाल, इडली में सब्ज़ियाँ मिलाना या मिलेट्स से मल्टीग्रेन इडली बनाना।


रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, पैकेज्ड जूस, मीठी ड्रिंक्स और कोल्ड ड्रिंक्स से बचना चाहिए। मीठे के लिए सीमित मात्रा में शुगर-फ्री या स्टेविया का उपयोग किया जा सकता है।


फैट और पानी का सही संतुलन

फैट को पूरी तरह हटाना सही नहीं है—नट्स और सीड्स जैसे अलसी, चिया, पंपकिन सीड्स अच्छे फैट का स्रोत हैं। कुकिंग के लिए सरसों का तेल, मूंगफली का तेल, ऑलिव ऑयल या नारियल तेल सीमित मात्रा में उपयोग करें। साथ ही नियमित अंतराल पर पानी पीते रहना भी बहुत ज़रूरी है।


क्या डायबिटीज़ रिवर्स हो सकती है?

डायबिटीज़ को लेकर यह समझना ज़रूरी है कि यह कोई लाइलाज बीमारी नहीं, बल्कि गलत खान-पान से जुड़ा एक डायटरी डिसऑर्डर है। सही खान-पान इसका समाधान है। अगर आप 3 महीने पूरी ईमानदारी से सही डाइट और अनुशासन फॉलो करते हैं, तो फर्क साफ दिखाई देता है।


कद्दू, करेला, नट्स-सीड्स, भिंडी, मिलेट्स, ओट्स और सलाद जैसे खाद्य पदार्थ डायबिटीज़ कंट्रोल और रिवर्स करने में बहुत प्रभावी हैं। खाने से पहले सलाद लेने से शुगर का अवशोषण धीमा होता है।


फूड 1: पेठा / कद्दू (सीताफल)

कद्दू डायबिटीज के लिए बेहद फायदेमंद सब्जी है। इसमें मौजूद कुछ विशेष यौगिक ब्लड शुगर को प्राकृतिक रूप से कम करते हैं। रिसर्च के अनुसार, कद्दू इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने में मदद करता है।


कद्दू की सब्जी में डाला जाने वाला मेथी दाना अपने‑आप में एंटी‑डायबिटिक है।

कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds) कभी न फेंकें — ये ब्लड शुगर कम करने में बेहद प्रभावी हैं।

हरे कद्दू को छिलके सहित पकाना ज्यादा फायदेमंद होता है।

सब्जी बनाते समय चीनी बिल्कुल न डालें।


फूड 2: करेला

करेला आयुर्वेद में डायबिटीज की दवा माना जाता है। यह इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ाता है और पैंक्रियाज की कार्यक्षमता सुधारता है।


करेले का जूस कैसे पिएं:

1 करेला + अदरक + पानी + नींबू + काला नमक

या करेला + लौकी + पुदीना + जीरा


इसे नाश्ते से 30 मिनट पहले या लंच के 2 घंटे बाद पिएं। बीज न निकालें, क्योंकि उनमें भी पोषक तत्व होते हैं।


फूड 3: नट्स और सीड्स

भूख लगने पर बिस्किट, नमकीन या जंक फूड की जगह नट्स और सीड्स लें।

मखाना (घी में हल्का भुना हुआ)

फल + नट्स (जैसे केला + काजू, सेब + मूंगफली)

चिया सीड्स, फ्लैक्स सीड्स, सब्जा सीड्स


ये सभी ब्लड शुगर को बढ़ने नहीं देते, बल्कि कम करने में मदद करते हैं।


फूड 4: भिंडी

भिंडी में मौजूद प्राकृतिक यौगिक ब्लड शुगर को कम करने में सहायक होते हैं। रिसर्च बताती है कि भिंडी के बीज विशेष रूप से एंटी‑डायबिटिक होते हैं।


हफ्ते में 2–3 बार सरसों के तेल में बनी भिंडी जरूर खाएं।


फूड 5: मिलेट्स (छोटे अनाज)

मिलेट्स डायबिटीज रिवर्स करने में सबसे शक्तिशाली खाद्य पदार्थों में से हैं।


बेहतर मिलेट्स:


रागी

ज्वार

बाजरा

कोदो मिलेट

फॉक्सटेल मिलेट - कँगनी


इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम और फाइबर बहुत ज्यादा होता है। 6 घंटे भिगोकर पकाएं। गेहूं‑चावल की जगह इन्हें अपनाएं।


टिप:

रागी या ज्वार की रोटी नरम बनाने के लिए आटे में उबलता पानी डालकर गूंथें।


फूड 6: ओट्स

ओट्स में सॉल्युबल और इनसॉल्युबल फाइबर दोनों होते हैं, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित करते हैं।

नाश्ते में सब्जियों के साथ ओट्स का दलिया लें।


फूड 7: सलाद

खाने से पहले सलाद खाना डायबिटीज में गेम‑चेंजर साबित होता है।


लंच से पहले खीरा, ककड़ी, पत्ता गोभी

डिनर से पहले कच्चा प्याज

सलाद फाइबर की परत बनाकर शुगर के अवशोषण को धीमा करता है और पेट देर तक भरा रखता है


1‑दिन का सैंपल डाइट प्लान

सुबह: करेले का जूस या भीगा मेथी दाना


नाश्ता: सब्जियों वाला ओट्स दलिया


लंच से पहले: सलाद


लंच: रागी/ज्वार रोटी + दाल + भिंडी/कद्दू


शाम: फल + नट्स


डिनर से पहले: प्याज का सलाद


डिनर: मिलेट खिचड़ी या हल्की रोटी‑सब्जी


Bottom Line

कुल मिलाकर, सही डाइट, नियमितता और अनुशासन के साथ डायबिटीज़ को कंट्रोल ही नहीं बल्कि रिवर्स भी किया जा सकता है—ज़रूरत सिर्फ लगातार सही आदतों को अपनाने की है।

1 comment:

Anonymous said...

Nice article