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डायबिटीज मरीजों के लिए 'नेचुरल इंसुलिन' है मेथी : जानिए क्यों?

 डायबिटीज मरीजों के लिए 'नेचुरल इंसुलिन' है मेथी : जानिए क्यों?

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बदलते मौसम और आधुनिक जीवनशैली के बीच डायबिटीज (मधुमेह) एक गंभीर चुनौती बन गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं के साथ-साथ अगर खान-पान में प्राचीन आयुर्वेदिक सिद्धांतों को जोड़ा जाए, तो शुगर लेवल को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसी क्रम में 'मेथी' (Fenugreek) एक ऐसी औषधि के रूप में उभरी है, जिसे आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही 'नेचुरल इंसुलिन' का दर्जा देते हैं।

विज्ञान की नज़र में मेथी: यह कैसे काम करती है?

मेथी के दानों में कुछ ऐसे विशिष्ट तत्व पाए जाते हैं जो इसे मधुमेह के लिए अचूक बनाते हैं:

1.4-hydroxyisoleucine (अमीनो एसिड): 

यह मेथी में पाया जाने वाला सबसे महत्वपूर्ण तत्व है। यह सीधे अग्न्याशय (Pancreas) की बीटा कोशिकाओं को उत्तेजित करता है, जिससे शरीर में प्राकृतिक रूप से इंसुलिन का स्राव बढ़ता है।

2. हाई सॉल्युबल फाइबर (Galactomannan): 

मेथी के दानों में प्रचुर मात्रा में फाइबर होता है। यह पाचन की गति को धीमा कर देता है, जिससे भोजन के बाद रक्त में शुगर का अवशोषण (Absorption) अचानक नहीं बढ़ता।

 3. ट्रिगोनेलिन (Trigonelline ) :

यह तत्व इंसुलिन के प्रति शरीर की संवेदनशीलता (Insulin Sensitivity) को सुधारता है, जिससे कोशिकाएं शुगर का बेहतर उपयोग कर पाती हैं।

आयुर्वेदिक दृष्टिकोण:

आयुर्वेद के अनुसार, डायबिटीज (प्रमेह) अक्सर शरीर में कफ और वात दोष के असंतुलन से होता है।

• उष्ण वीर्य (Warm Potency): 

मेथी की प्रकृति गर्म होती है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करती है।

• तिक्त रस (Bitter Taste):

कड़वा स्वाद रक्त को शुद्ध करने और ग्लूकोज के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होता है।

विशेषज्ञ की राय

"मेथी केवल एक मसाला नहीं है, यह एक फार्माकोलॉजिकल' एजेंट है। सर्दियों में इसका सेवन न केवल शुगर को रोकता है, बल्कि यह डायबिटीज के कारण होने वाले जोड़ों के दर्द और कोलेस्ट्रॉल की समस्या को भी हल करता है।"

डायबिटीज के लिए मेथी के सेवन के 3 प्रभावी तरीके:

1. मेथी जलः सुबह की संजीवनी

यह सबसे सरल और असरदार तरीका है। एक चम्मच मेथी दानों को रात भर एक गिलास पानी में भिगो दें। सुबह खाली पेट इस पानी को पिएं और भीगे हुए दानों को चबाकर खाएं। रात भर पानी में रहने के

कारण मेथी के तत्व सक्रिय हो जाते हैं, जो पाचन में सुधार करते हैं और शुगर को बढ़ने से रोकते हैं।

2. मेथी चूर्ण: भोजन से पहले का सुरक्षा कवच

मेथी दानों को हल्का भूनकर उनका बारीक पाउडर बना लें। इस चूर्ण की एक चम्मच मात्रा दोपहर और रात के भोजन से 20 मिनट पहले गुनगुने पानी के साथ लें। यह पाउडर पेट में जाकर कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण (Absorption) को धीमा कर देता है, जिससे भोजन के तुरंत बाद ब्लड शुगर अचानक नहीं बढ़ता।

3. अंकुरित मेथी पोषक तत्वों का पावरहाउस

मेथी के दानों को 2-3 दिनों तक भिगोकर अंकुरित कर लें अंकुरण से इसकी कड़वाहट कम हो जाती है और विटामिन C की मात्रा बढ़ जाती है। इसे सुबह के नाश्ते में सलाद की तरह खाएं। यह न केवल ग्लूकोज लेवल को मैनेज करता है, बल्कि डायबिटीज के कारण होने वाली शारीरिक कमजोरी को भी दूर करता है। सावधानी: किन्हें बचना चाहिए?

मेथी "नेचुरल इंसुलिन" है, इसलिए इसका उपयोग सावधानी से करना चाहिए:

हाइपोग्लाइसीमिया:

यदि आप पहले से ही इंसुलिन के इंजेक्शन या भारी दवाएं ले रहे हैं, तो मेथी का अत्यधिक सेवन शुगर लेवल को बहुत कम कर सकता है।

गर्भावस्थाः

गर्भवती महिलाओं को मेथी का अधिक सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।

• तासीर: 

चूंकि इसकी तासीर गर्म है, इसलिए जिन लोगों को बहुत अधिक नकसीर या 'पित्त' की समस्या है, उन्हें सीमित मात्रा में उपयोग करना चाहिए।

निष्कर्ष

अगर आप शुगर की समस्या से जूझ रहे हैं, तो अपनी रसोई में मौजूद इस छोटे से सुनहरे दाने को अपना साथी बनाएं। यह न केवल आपके पैनक्रियाज को सक्रिय करेगा, बल्कि आपकी ऊर्जा के स्तर को भी बढ़ाएगा।

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