बहुत से लोग रात को सोते वक्त यही सोचते हैं कि सुबह उठेंगे तो एकदम फ्रेश महसूस करेंगे। मन में प्लान रहता है कि उठते ही काम करेंगे, वॉक करेंगे या दिन की शुरुआत एनर्जी के साथ होगी।
लेकिन हकीकत क्या होती है?
सुबह आँख खुलते ही लगता है कि पूरी बॉडी अकड़ गई है। हाथ-पैर सीधे नहीं हो रहे, कमर जकड़ी हुई है, और ऐसा लगता है जैसे शरीर साथ ही नहीं दे रहा। पहले आधे घंटे तक बस धीरे-धीरे हिलना-डुलना पड़ता है, तब जाकर थोड़ा सा आराम मिलता है। ऐसे में दिमाग में यही सवाल आता है कि रात को तो सब ठीक था, फिर सुबह अचानक ये दर्द क्यों?
आख़िर वजह क्या है, और इससे बचा कैसे जाए?
सुबह बॉडी पेन के पीछे मुख्य कारण आमतौर पर यह समस्या तीन–चार खास कंडीशंस में ज़्यादा देखने को मिलती है।
कारण नंबर 1: रात का खाना ठीक से न पचना
कई लोग रात को बहुत देर से खाना खाते हैं। कोई 10 बजे, कोई 11–12 बजे, और कुछ लोग तो रात 2 बजे उठकर भी खाना खा लेते हैं।
खाना खाने के तुरंत बाद बिस्तर पकड़ लिया जाता है।
अब जब खाना ठीक से पचता ही नहीं, तो उसका असर सुबह शरीर पर दिखता है।
सुबह उठते ही सबसे पहले जो दर्द महसूस होता है, वो अक्सर एड़ी या पैरों में होता है।
आयुर्वेद में इसे पादशूल कहा गया है। यह साफ संकेत है कि रात का भोजन शरीर में आम बना रहा है यानी अधपचा पड़ा हुआ है।
यह सुबह के बॉडी पेन का सबसे कॉमन और सबसे बड़ा कारण है।
कारण नंबर 2: रात में भारी चीज़ों का सेवन, खासकर दूध
कुछ लोगों की आदत होती है कि रात को सोने से पहले दूध ज़रूर चाहिए।
वो भी साधारण नहीं, बल्कि भैंस का मलाईदार दूध।
उसमें ऊपर से दो–तीन चम्मच घी, मिश्री या गुड़, और कभी-कभी खजूर भी डाल दी जाती है ताकि “ताकत” आ जाए।
अब सोचिए, दूध खुद पचने में भारी है।
भैंस का दूध उससे भी ज़्यादा भारी।
ऊपर से घी, मिश्री, खजूर — यानी पूरा का पूरा अति गुरु आहार।
इतना भारी कॉम्बिनेशन रात में शरीर पचा ही नहीं पाता।
नतीजा होता है सुबह उठते ही अकड़न और दर्द।
कारण नंबर 3: ज्यादा एसी और पंखे में सोना
कुछ लोग ऐसे होते हैं जिन्हें बिना एसी या तेज पंखे के नींद ही नहीं आती।
पंखा फुल स्पीड पर, एसी लगातार ऑन।
इतनी ठंडी हवा में सोने से शरीर में वात और कफ बढ़ जाता है।
इसका सीधा असर होता है मसल्स की स्टिफनेस और जोड़ों की अकड़न।
अगर आपको एसी या तेज पंखे में सोने के बाद सुबह दर्द बढ़ता है, तो यह एक बड़ा कारण हो सकता है।
कारण नंबर 4: रात को ज़रूरत से ज्यादा पानी पीना
आजकल “स्टे हाइड्रेटेड” के नाम पर लोग पानी पीने में भी एक्सट्रीम हो गए हैं।
कहीं सुन लिया कि सुबह उठकर पानी पीना अच्छा होता है, तो रात को सोने से पहले फ्रिज खोलकर दो–तीन गिलास पानी पी लिया।प्यास हो या न हो, पानी पीना ज़रूरी समझ लिया गया।
लेकिन रात में ज़्यादा पानी पीना भी ठीक से पचता नहीं।
वो पानी शरीर में रुक जाता है और सुबह दर्द और भारीपन का कारण बनता है।
कुछ अन्य कारण
दिन में बार-बार सोने की आदत
रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी समस्याएं
पहले से मौजूद वात दोष
इन कंडीशंस में सुबह का बॉडी पेन और ज़्यादा महसूस होता है।
कहीं सुन लिया कि सुबह उठकर पानी पीना अच्छा होता है, तो रात को सोने से पहले फ्रिज खोलकर दो–तीन गिलास पानी पी लिया।प्यास हो या न हो, पानी पीना ज़रूरी समझ लिया गया।
लेकिन रात में ज़्यादा पानी पीना भी ठीक से पचता नहीं।
वो पानी शरीर में रुक जाता है और सुबह दर्द और भारीपन का कारण बनता है।
कुछ अन्य कारण
दिन में बार-बार सोने की आदत
रूमेटॉइड आर्थराइटिस जैसी समस्याएं
पहले से मौजूद वात दोष
इन कंडीशंस में सुबह का बॉडी पेन और ज़्यादा महसूस होता है।
अब करें क्या? (Practical Solutions)
1. रात के खाने में सुधार करें
रात का खाना 7–8 बजे तक खत्म करें
हल्का खाना रखें
दिनभर हल्का और रात में भारी खाने की आदत छोड़ें
रात में मिठाइयाँ, आइसक्रीम, तले हुए और नॉनवेज से बचें
2. पानी पीने का सही तरीका
अगर रात में प्यास लगती है और सुबह दर्द रहता है, तो
थर्मस में गुनगुना पानी रखें
सिर्फ प्यास लगने पर 2–3 घूंट पिएँ
ठंडा या फ्रिज का पानी बिल्कुल न पिएँ
3. एसी और पंखे का सही इस्तेमाल
एसी से बचें
पंखा धीमी स्पीड पर रखें
सीधे हवा के नीचे न सोएँ
4. दिन में सोने की आदत छोड़ें
खासकर दोपहर की नींद, अगर आदत बन गई है तो सुबह का दर्द बढ़ा सकती है।
5. तेल मालिश को रूटीन में शामिल करें
रोज नहाने से पहले
तिल के तेल या सरसों के तेल से पूरे शरीर की हल्की मालिश करें
यह वात को शांत करता है और अकड़न कम करता है।
6. पानी में सोंठ का प्रयोग
गुनगुने पानी में 2–5 ग्राम सूखी सोंठ पाउडर मिलाकर पिएँ
यह पाचन सुधारता है और दर्द कम करता है।
जब समस्या ज्यादा पुरानी हो
अगर इन सबके बावजूद आराम नहीं मिल रहा, तो आयुर्वेद में
विरेचन पंचकर्म
उसके बाद बस्ती चिकित्सा
ये दोनों तरीके शरीर से दोषों को बाहर निकालने में बहुत मददगार होते हैं।
सबसे आसान और असरदार उपाय
रात का खाना 7–8 बजे तक खत्म करें
हल्का खाना रखें
दिनभर हल्का और रात में भारी खाने की आदत छोड़ें
रात में मिठाइयाँ, आइसक्रीम, तले हुए और नॉनवेज से बचें
2. पानी पीने का सही तरीका
अगर रात में प्यास लगती है और सुबह दर्द रहता है, तो
थर्मस में गुनगुना पानी रखें
सिर्फ प्यास लगने पर 2–3 घूंट पिएँ
ठंडा या फ्रिज का पानी बिल्कुल न पिएँ
3. एसी और पंखे का सही इस्तेमाल
एसी से बचें
पंखा धीमी स्पीड पर रखें
सीधे हवा के नीचे न सोएँ
4. दिन में सोने की आदत छोड़ें
खासकर दोपहर की नींद, अगर आदत बन गई है तो सुबह का दर्द बढ़ा सकती है।
5. तेल मालिश को रूटीन में शामिल करें
रोज नहाने से पहले
तिल के तेल या सरसों के तेल से पूरे शरीर की हल्की मालिश करें
यह वात को शांत करता है और अकड़न कम करता है।
6. पानी में सोंठ का प्रयोग
गुनगुने पानी में 2–5 ग्राम सूखी सोंठ पाउडर मिलाकर पिएँ
यह पाचन सुधारता है और दर्द कम करता है।
जब समस्या ज्यादा पुरानी हो
अगर इन सबके बावजूद आराम नहीं मिल रहा, तो आयुर्वेद में
विरेचन पंचकर्म
उसके बाद बस्ती चिकित्सा
ये दोनों तरीके शरीर से दोषों को बाहर निकालने में बहुत मददगार होते हैं।
सबसे आसान और असरदार उपाय
आज से ही एक चीज़ शुरू करें:
7–10 दिन का सिंपल फास्टिंग पैटर्न 24 घंटे में सिर्फ एक बार भोजन
पूरे दिन सिर्फ गर्म पानी, प्यास लगने पर
7–10 दिन लगातार अगर दोष बहुत ज़्यादा नहीं हैं, तो सिर्फ इसी से शरीर अपने आप बैलेंस में आ जाता है।
उम्मीद है इस Post से आपको सुबह के बॉडी पेन की वजह और समाधान दोनों साफ समझ आए होंगे।
अगर आप चाहते हैं कि किसी और हेल्थ टॉपिक पर डिटेल जानकारी मिले, तो कमेंट में ज़रूर बताइए।

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